maa मा
. मेरी मां मेरा ख्याल इस तरह से रखती थी
कि मैं हमेशा आनंद में रहती थी ।
....................मार्टिना हिंगिस
2. मातृत्व,
सारा पेरम वहीं से आरंभ और अंत होता है ।
.....................राबर्ट ब्राउनिंग
3. एक मां का हाथ कोमलता से बना होता है
और बच्चे उसमें गहरी नींद में सोते हैं ।
....................विक्टर हूगो
4. जिंदगी उठने और मां के चेहरे से प्यार करने के साथ शुरू हुई
...................जार्ज ऐलियट
5. जिस घर में मां होती है, वहां चीजें सही रहती हैं ।
...........एमोस ब्राॅसन ऐल्कोट
6. केवल मांए भविष्य के बारे में सोच सकती हैं
क्योंकि वो अपने बच्चों के रूप में इसे जन्म देती हैं ।
....................... मैक्सिम गोर्की
7. चाहे बसो पहाड़ पर
या फूलों के गांव
मां के आंचल से अधिक
शीतल कहीं न छांव
...............नीरज
8. घास पर खेलता है बच्चा,
पास में बैठी मां मुस्कुराती है
फिर न जाने क्यों ये दुनिया,
काबा-ओ-सोमनाथ जाती है
...............निदा फाजली
9. जिससे सब हारें,
वो खुद को अविजित न माने,
तो समझो मां है
..............रचना समंदर
10. मां जो मुझसे रूठी है, मैं उसे मना लंगी
मोम को पिघलने में देर कितनी लगती है
..................अज्ञात
11. मैं जो कुछ भी हं या होने की आशा रखता हं
, उसका श्रेय मेरी मां को जात है
.........अब्राहम लिंकन
12. घेर लेने को मुझे जब भी बलाऐं आ गई,
ढाल बनकर सामने मां की दुकाए आ गई
...........मुनव्वर राणा
. मेरी मां मेरा ख्याल इस तरह से रखती थी
कि मैं हमेशा आनंद में रहती थी ।
....................मार्टिना हिंगिस
2. मातृत्व,
सारा पेरम वहीं से आरंभ और अंत होता है ।
.....................राबर्ट ब्राउनिंग
3. एक मां का हाथ कोमलता से बना होता है
और बच्चे उसमें गहरी नींद में सोते हैं ।
....................विक्टर हूगो
4. जिंदगी उठने और मां के चेहरे से प्यार करने के साथ शुरू हुई
...................जार्ज ऐलियट
5. जिस घर में मां होती है, वहां चीजें सही रहती हैं ।
...........एमोस ब्राॅसन ऐल्कोट
6. केवल मांए भविष्य के बारे में सोच सकती हैं
क्योंकि वो अपने बच्चों के रूप में इसे जन्म देती हैं ।
....................... मैक्सिम गोर्की
7. चाहे बसो पहाड़ पर
या फूलों के गांव
मां के आंचल से अधिक
शीतल कहीं न छांव
...............नीरज
8. घास पर खेलता है बच्चा,
पास में बैठी मां मुस्कुराती है
फिर न जाने क्यों ये दुनिया,
काबा-ओ-सोमनाथ जाती है
...............निदा फाजली
9. जिससे सब हारें,
वो खुद को अविजित न माने,
तो समझो मां है
..............रचना समंदर
10. मां जो मुझसे रूठी है, मैं उसे मना लंगी
मोम को पिघलने में देर कितनी लगती है
..................अज्ञात
11. मैं जो कुछ भी हं या होने की आशा रखता हं
, उसका श्रेय मेरी मां को जात है
.........अब्राहम लिंकन
12. घेर लेने को मुझे जब भी बलाऐं आ गई,
ढाल बनकर सामने मां की दुकाए आ गई
...........मुनव्वर राणा